निबंध

किसी भी साहित्य के सम्यक मूल्याङ्कन में इतिहास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इतिहास की जानकारी के आभाव में साहित्य का क्रमिक विकास को समझा ही नहीं जा सकता.इतिहास की मदद से ही साहित्य की विभिन्न रचनाओं, परम्पराओं और प्रवृतिओं का विश्लेषण करना संभव हो पता है

हिंदी साहित्य का इतिहास लगभग १००० वर्षों का इतिहास है जिसे चार प्रमुख कालों में विभाजित किया गया है. आप हिंदी ब्लॉग पेज पर है; मुझे लगता है आपको हिंदी के इतिहास की कहानी सुनानी इस ब्लॉग का धर्म हो जाता है. मैंने यही प्रयास किया है  – कुछ निबंध प्रस्तुत हैं

इतिहास को सहज ग्राह्य, रोचक बनाने के लिए; विभिन्न प्रयोग भी कर रहा हूँ – जल्द ही वीडियो पोस्ट से लेकर, flowchart (प्रवाह संचरित) का प्रयोग प्रयोग शुरू करने वाला हूँ,  कहीं-कहीं प्रश्न-उत्तर शैली में बात करूंगा. इस दिशा मे काम अभी शुरू ही किया है 


हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास    
हिंदी साहित्य का आदिकाल  हिंदी साहित्य का मध्यकाल  
जैन साहित्य भक्तिकाल  
नाथ साहित्य निर्गुण का अर्थ : निर्गुण काव्यधारा में ज्ञानमार्गी धारा  
सिद्ध साहित्य संत-कवि  
आदिकाल की मुख्य रचनायें भक्तिकालीन राजनैतिक परिस्थितियाँ  
    सगुण का अर्थ  
 कृष्ण भक्त कवी
 राम भक्त कवी  
   कृष्ण भक्ति काव्यधारा की प्रमुख विशषतायें  
  रीतिकाल