सपना -17


आज का सपना :
देखता हूँ किसी देश के हुकुमरान का ख़ास मेहमान हूँ; शाम होते ही मेजबान मुझे कहता है आओ अब तुम्हें मुर्गों की लड़ाई दिखाता हूँ.. मैदान मे दो मुर्गे हैं, दोनों के पाओं मे ब्लेड बाँध दिए गए हैं; खूब लड़ते हैं.. लड़ते ही जाते हैं-ब्लेड से दोनों एक दुसरे को जख्मी कर रहे हैं
मैं कहता हूँ इनके हत्यारे आप हैं की ब्लेड आपने बांधे हैं
हुकुमरान कहता है; तुम्हारा दिमाग किसी ने पोल्लूट कर दिया है

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