सपना ३८


“एक काम कर दारू ले आ – क्यों मिश्राजी?” किसी ने मुझसे कहा, पता नहीं कैसे लेकिन मैं बैरा हूँ किसी होटल में. जवाब में मैं कहता हूँ, “सर वो तो मना किया है हमको देने से – सॉरी सर – और सर प्लीज आप स्विमिंग पूल मे मत जाना – मना है, वैसे सर wifi नहीं मिलेगा आपको और टीवी मे सिर्फ ४ फिल्म हैं – एक गाँधी की, एक नेहरू की, एक इंद्रा की और एक राजीव की. सर खाने पर कोई रेस्ट्रिक्शन नहीं है – नॉन- वेज मिलेगा… सर फ़ोन से कॉल नहीं कर पाएंगे आप – लेकिन अगर कुछ और रखते हैं आप फ़ोन में तो इस्तेमाल कीजिये.
देखता हूँ कोई मंत्री है जो उठता है और बाथरूम की तरफ चलने लगता है की तभी दूसरा बोलता है – “मिश्राजी रुको, कमरा आपका ही है – मैं अपने मे चलता हूँ – आराम से लेटिए और …..” फिर मेरी तरफ देखकर कहता है चल भाई तू निकल ….
मैं हँसता हुआ जाग जाता हूँ

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