सपना ३०

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एकाएक फ़ोन में से पत्थर निकलकर मेरे माथे पर लगता है … हाथ से फ़ोन छूट जाता है लेकिन टूटता नहीं; फिर और पत्थर पड़ने लगते हैं … मैं हैरान हूँ की आखिर फ़ोन से पत्थर क्यों आ रहे हैं. ध्यान से देखता हूँ तो पता चलता है की फ़ोन पर ट्विटर ऐप्प खुला हुआ है … फिर फ़ोन पर उभरता है एक वाक्य, ” और ६ महीने बाद”… उसके बाद मैं मैट्रिक्स का हीरो बन जाता हूँ – कभी किसी ट्विटर हैंडल से तो कभी किसी और ट्विटर हैंडल से पत्थर पड़ते हैं लेकिन मुझे एक भी नहीं लग पता….. tabhi आँख खुल जाती है; टीवी पर एक देशभक्त एंकर सोशल मीडिया को नया दंगाई बता रहा होता है